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बिज़नेस सिस्टम्स इंजीनियरिंग · इंदौर

बिल, GST और सैलरी हाथ से बनाना बंद।

ऑर्डर, स्टॉक, हाज़िरी, पेमेंट और फ़ॉलो-अप: जो काम आपकी टीम रोज़ दोहराती है, वह अपने आप चलेगा, उन्हीं टूल्स पर जो आप पहले से इस्तेमाल करते हैं (Tally, WhatsApp, Excel, आपका CRM)।

ट्रेडर्स, मैन्युफ़ैक्चरर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए · भारत और खाड़ी देश · प्रोजेक्ट ₹1.5 लाख से शुरू

मुफ़्त बिज़नेस चेक करें

पाँच सवाल, लगभग एक मिनट

सिस्टम्स रिव्यू बुक करें WhatsApp पर

मुफ़्त · 30 मिनट · आदिल के साथ WhatsApp पर

देखिए MasterKey कैसे काम करता है

उदाहरण

एक ट्रेडर का गोदाम

एक आम दिन बिगड़ते हुए देखिए। फिर वही दिन MasterKey के साथ देखिए।

MasterKey के बिना

  1. इस महीने चालीस ग्राहकों का पैसा बाक़ी है।

    40 बिल बकाया

  2. मुनीम हर एक को WhatsApp पर, एक-एक मैसेज करके याद दिलाता है।

    शर्मा जी, पेमेंट कब तक आएगा?

  3. उसे याद नहीं रहता कि किसे याद दिलाया, और किसने पहले ही पैसे दे दिए।

    इसे याद दिलाया था… या नहीं?

  4. पैसा देर से आता है, इसलिए मालिक नया माल नहीं ख़रीद पाता।

    पैसा देर से · नया माल रुका

MasterKey के साथ

  1. वही चालीस बिल।

    इस महीने 40 बिल बाक़ी

  2. हर ग्राहक को सही दिन WhatsApp पर रिमाइंडर अपने आप जाता है।

    WhatsApp पर रिमाइंडर भेजे: 40

  3. जैसे ही कोई पैसे देता है, बिल पेड हो जाता है और उसके रिमाइंडर रुक जाते हैं।

    आज पेमेंट: 12 · उनके रिमाइंडर बंद

  4. मालिक को एक ही स्क्रीन पर पूरा बकाया दिखता है।

    कौन कितना देगा, सब एक जगह दिख रहा है।

MasterKey ने यहाँ क्या सेट अप किया WhatsApp पर पेमेंट रिमाइंडर, हिसाब-किताब से जुड़े हुए, और एक लिस्ट कि किसका कितना बाक़ी है।

मुफ़्त बिज़नेस चेक करें

बिज़नेस ख़राब नहीं है। सिस्टम ख़राब है।

दिक़्क़त आपके लोगों में नहीं है। दिक़्क़त यह है कि ऑर्डर, बिल और मैसेज उनके बीच कैसे चलते हैं।

अभी तो,
सब आपसे होकर चलता है।

आपका बिज़नेस
एक इंसान से होकर नहीं चलना चाहिए।

आज हर ऑर्डर, बिल और पेमेंट आपसे होकर जाता है। हम टूल्स को जोड़ देते हैं, ताकि ऐसा न हो।

आपकी टीम का समय कहाँ बर्बाद होता है,
और ग्राहक कहाँ छूटते हैं?

इसे हम काम की रुकावट (ऑपरेशनल फ़्रिक्शन) कहते हैं: वह काम जो आपके लोगों को सिर्फ़ इसलिए करना पड़ता है, क्योंकि आपके टूल्स आपस में बात नहीं करते।

  • समय

    हाथ से होने वाला काम, बार-बार एंट्री, धीमे प्रोसेस।

  • ग्राहक

    छूटी लीड्स, देर से जवाब, भूला हुआ फ़ॉलो-अप।

  • डेटा

    बिना जुड़े टूल्स, मेल न खाती जानकारी।

  • ग्रोथ

    ऐसे सिस्टम जो 20 ग्राहकों पर चलते हैं, पर 200 पर बिखर जाते हैं।

मुफ़्त बिज़नेस चेक करें

लगभग एक मिनट · किसी टेक्निकल जानकारी की ज़रूरत नहीं

इंतज़ार आपको कितना महँगा पड़ रहा है?

नीचे दो नंबर चुनिए। आँकड़ा बताता है कि दोबारा टाइप करने और पीछा करने में साल भर में आपका कितना पैसा जाता है, और काउंटर आपके पढ़ते-पढ़ते उसे जोड़ता रहता है।

हफ़्ते में कितने घंटे दोबारा टाइप करने और पीछा करने में जाते हैं
उस समय का एक घंटा कितने का पड़ता है

यानी, साल भर में

₹3,90,000

₹156 हर घंटे, जब तक बिज़नेस खुला है

हफ़्ते में 6 कार्यदिवस, हर दिन 8 घंटे के हिसाब से — वही तरीका जो पूरा टूल इस्तेमाल करता है।

मेरी लागत निकालें

आपके बिज़नेस में काम कैसे आगे बढ़ता है, इस पर छह सवालों के जवाब दें, और देखें कि दोबारा टाइप करने, पीछा करने और गलतियाँ ठीक करने में कितने घंटे और रुपये जाते हैं, आपके अपने नंबरों से निकाले हुए।

हम कैसे काम करते हैं, छह चरणों में।

MasterKey Labs इंदौर की एक AI और बिज़नेस सिस्टम्स कंपनी है। हम पता लगाते हैं कि बिज़नेस को क्या धीमा कर रहा है, आपके टूल्स का सेटअप ठीक करते हैं, जो कमी है उसे बनाते हैं, और जिस काम के लिए अब इंसान की ज़रूरत नहीं, उसे ऑटोमेट करते हैं। इसे हम MasterKey मेथड कहते हैं।

  1. पहले क्या ठीक करना है

    See it

    टेक्नोलॉजी छूने से पहले बिज़नेस की जाँच करें।

    बिज़नेस कंसल्टिंग · Five-Day Systems Diagnostic · ऑपरेशनल ऑडिट · AI के लिए तैयारी · एक लिखित प्लान (MasterKey Blueprint)

  2. काम कैसे चलता है, यह लिखना

    Map it

    समझें कि काम और जानकारी असल में कैसे चलते हैं।

    प्रोसेस · SOPs · CRM · ERP · डेटा फ़्लो · ऑपरेशनल आर्किटेक्चर

  3. अपने टूल्स जोड़ना

    Connect it

    लोगों से करवाने के बजाय, टूल्स को आपस में बात करने दें।

    Tally · Google Sheets · HubSpot · WhatsApp · पेमेंट्स · डेटाबेस · इंटरनल सिस्टम्स

  4. ब्रांड और डिज़ाइन

    Make it distinct

    बिज़नेस उतना ही अच्छा दिखे, जितना उसके पीछे का सिस्टम।

    ब्रांड आइडेंटिटी · डिज़ाइन सिस्टम्स · पैकेजिंग · डिजिटल एक्सपीरियंस · मार्केटिंग सामग्री

  5. बार-बार का काम ऑटोमेट करना

    Automate it

    वर्कफ़्लो से बार-बार का इंसानी काम हटाएँ।

    वर्कफ़्लो ऑर्केस्ट्रेशन · डॉक्यूमेंट ऑटोमेशन · बिलिंग ऑटोमेशन · AI असिस्टेंट · AI एजेंट

  6. हर लीड का फ़ॉलो-अप

    Grow it

    वो ढाँचा बनाएँ जो डिमांड को कमाई में बदले।

    लीड कैप्चर · फ़ॉलो-अप · Google Maps · रिव्यूज़ · कैंपेन की वायरिंग · कन्वर्ज़न सिस्टम्स

हम असल में क्या बनाते हैं।

छह तरह का काम, हर एक को चलते हुए दिखाया गया है। हर एक पर लगा टैग बताता है कि वह MasterKey मेथड का कौन-सा चरण है।

बिज़नेस ठीक करें

डायग्नोस्टिक्स, कंसल्टिंग और ऑपरेशंस। जब आपको पता हो कि कुछ गड़बड़ है, पर अभी यह नहीं कि क्या।

  • कंसल्टिंग और डायग्नोस्टिक्स

    See it

    ठीक करने पर पैसा लगाने से पहले जानें कि ठीक क्या करना है।

    आपको मिलता है एक लिखित प्लान, MasterKey Blueprint: क्या ठीक करना है, किस क्रम में, और उसकी लागत कितनी होगी।

  • ऑर्गनाइज़ और ऑप्टिमाइज़

    Map it

    बिखरे काम को एक दोहराने लायक ऑपरेटिंग सिस्टम में बदलें।

    आपको मिलता है काम और जानकारी कैसे चलते हैं, उसका नक्शा — और उसे चलाने के लिए SOPs और डेटा आर्किटेक्चर।

सिस्टम बनाएँ

सॉफ़्टवेयर, CRM, इंटीग्रेशन और ब्रांड। जब प्रोसेस साफ़ हो, पर टूल्स नहीं।

  • सॉफ़्टवेयर और प्रोडक्ट

    Connect it

    वो डिजिटल प्रोडक्ट बनाएँ जिनकी आपके बिज़नेस को सच में ज़रूरत है।

    आपको मिलता है जोड़ने का एक प्लान, और मंज़ूरी मिलने पर काम करते हुए इंटीग्रेशन।

  • ब्रांड और डिज़ाइन

    Make it distinct

    बिज़नेस को उतना ही मज़बूत दिखाएँ, जितना उसके पीछे का सिस्टम है।

    आपको मिलता है ब्रांड की नींव और डिज़ाइन सिस्टम, प्रोडक्शन के लिए तैयार पैकेजिंग और कोलैटरल के साथ।

ऑटोमेट करें और बढ़ाएँ

AI, ऑटोमेशन और लीड सिस्टम्स। जब सिस्टम चल रहा हो और उसे स्केल होना चाहिए।

  • AI और ऑटोमेशन

    Automate it

    इंटेलिजेंस को सीधे वर्कफ़्लो में लाएँ।

    आपको मिलता है बार-बार का काम सँभालने वाले वर्कफ़्लो और AI असिस्टेंट, अपवाद किसी व्यक्ति तक भेजे जाते हैं।

  • ग्रोथ और लीड सिस्टम्स

    Grow it

    ध्यान को ऐसी डिमांड में बदलें जो कैप्चर हो, फ़ॉलो-अप हो और मापी जा सके।

    आपको मिलता है लीड कैप्चर, फ़ॉलो-अप और रिव्यू आपस में जुड़े हुए, ताकि डिमांड पकड़ी भी जाए और मापी भी जाए।

इनमें से हर एक का अपना पेज है — क्या डिलीवर होता है, आर्किटेक्चर और टूल्स, किसके लिए है, और शुरू करने में कितना लगता है। सभी सेवाएँ

संपर्क करने के बाद क्या होता है।

जहाँ हैं, वहीं से शुरू करें

  • बिज़नेस ठीक करें

    डायग्नोस्टिक्स, कंसल्टिंग और ऑपरेशंस। जब आपको पता हो कि कुछ गड़बड़ है, पर अभी यह नहीं कि क्या।

    मेथड · See it, Map it

  • सिस्टम बनाएँ

    सॉफ़्टवेयर, CRM, इंटीग्रेशन और ब्रांड। जब प्रोसेस साफ़ हो, पर टूल्स नहीं।

    मेथड · Connect it, Make it distinct

  • ऑटोमेट करें और बढ़ाएँ

    AI, ऑटोमेशन और लीड सिस्टम्स। जब सिस्टम चल रहा हो और उसे स्केल होना चाहिए।

    मेथड · Automate it, Grow it

हर प्रोजेक्ट एक ही पाँच चरणों में चलता है: हम देखते हैं कि आप कैसे काम करते हैं, एक प्लान लिखते हैं जो आपके पास रहता है, उसे बनाते हैं, लाइव करते हैं, और आगे बेहतर करते रहते हैं। इन्हें हम जाँच, ब्लूप्रिंट, बनाना, लॉन्च और सुधार कहते हैं। काम का तरीका और Blueprint, पूरा

क्षमता

हफ़्ते में एक बिज़नेस।

हर प्रोजेक्ट Five-Day Systems Diagnostic से शुरू होता है: पाँच दिन, जिनमें हम देखते हैं कि आपके बिज़नेस में काम कैसे चलता है, आपके टूल्स जाँचते हैं और समस्या लिखकर देते हैं। इसमें हमारा पूरा हफ़्ता लगता है, इसलिए हम हफ़्ते में एक ही बिज़नेस के साथ काम शुरू करते हैं।

हर पट्टी इस साल का एक हफ़्ता है: हल्की पट्टियाँ बीत चुके हफ़्ते हैं, एम्बर पट्टी यह हफ़्ता है, और बाकी आने वाले हफ़्ते हैं।

साल गिना जा रहा है…

लिखित में

चार बातें, जो आपके एक रुपया देने से पहले ही तय हैं।

किसी का एक हफ़्ता लेना तभी सही है, जब जो बनकर लौटे वह आपका ही रहे। इनमें से हर बात कॉन्ट्रैक्ट की एक शर्त है, वेबसाइट की एक लाइन नहीं। साइन करने से पहले ये शर्तें देखने के लिए कहिए।

  • आपका कोड और डिज़ाइन आपके हैं।

    फ़ाइनल पेमेंट पर कोड, डिज़ाइन और वर्कफ़्लो ब्लूप्रिंट आपको सौंप दिए जाते हैं। न लॉक-इन, न लाइसेंस-बैक।

  • आपका डेटा सुरक्षित रहता है।

    कोई भी ऑपरेशनल डेटा, क्रेडेंशियल या कोड शेयर होने से पहले NDA साइन होता है।

  • बनाने से पहले स्कोप लिखा जाता है।

    पहले फ़ंक्शनल स्पेसिफ़िकेशन डॉक्यूमेंट और एक्सेप्टेंस क्राइटेरिया पर मंज़ूरी होती है।

  • लॉन्च के बाद डिफ़ेक्ट कवर होते हैं।

    मंज़ूर स्पेसिफ़िकेशन के मुकाबले फ़ंक्शनल डिफ़ेक्ट, गो-लाइव के बाद 30 दिनों तक मुफ़्त ठीक किए जाते हैं। नए स्कोप का कोटेशन अलग से दिया जाता है।

ये चारों शर्तें एक जैसी रहती हैं — काम पाँच दिन का हो या पाँच महीने का।

हमारा काम।

असली प्रोजेक्ट्स, सीधे शब्दों में। डायग्राम दिखाता है कि पहले काम कैसे चलता था, और हमने कौन-सा सिस्टम डिज़ाइन किया। नतीजे तभी प्रकाशित होते हैं जब क्लाइंट उनकी पुष्टि कर दे।

हेवी इंजीनियरिंग और फ़ैब्रिकेशन

इंदौर

समस्या
  • पुराने तरीके की कागज़ी रसीदें
  • WhatsApp पर आते परचेज़ ऑर्डर
  • Tally ERP 9 का पेचीदा कॉन्फ़िगरेशन
सिस्टम
ऑर्डर WhatsApp पर आते थे और रसीदें कागज़ पर। दोनों की हाथ से Tally में दोबारा एंट्री होती थी, फिर आँखों से एक-दूसरे से मिलान किया जाता था।
हमने क्या किया
एक सिस्टम्स डायग्नोस्टिक ब्लूप्रिंट: इनवॉइस इनपुट, PO मिलान और Tally में हाथ से बिल टाइप करना बंद करने का प्लान।
नतीजा
नतीजा: क्लाइंट ने अभी तक पुष्टि नहीं की

पोर्टफ़ोलियो में 22 क्लाइंट प्रोजेक्ट और हमारे अपने 4 प्लेटफ़ॉर्म हैं — मैन्युफ़ैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, FMCG, रियल एस्टेट और D2C में। क्लाइंट्स के नाम NDA की वजह से गोपनीय रखे गए हैं। सभी 26 प्रोजेक्ट देखें

आदिल नूर, MasterKey Labs के फ़ाउंडर

आप किसके साथ काम करेंगे

टेक्नोलॉजी तो
आसान हिस्सा है।

मुश्किल हिस्सा है यह समझना कि एक असली बिज़नेस असल में कैसे चलता है।

इसीलिए हम शुरुआत बिज़नेस से करते हैं, सॉफ़्टवेयर से नहीं।

हम देखते हैं कि लोगों का समय कहाँ जाता है, जानकारी कहाँ गुम होती है, ग्राहक कहाँ अटकते हैं और ग्रोथ कहाँ ऑपरेशन के लिहाज़ से तकलीफ़देह बन जाती है।

फिर हम हक़ीक़त के हिसाब से सिस्टम बनाते हैं।

इंदौर में, और भारत भर तथा भारत के बाहर बढ़ते बिज़नेस के साथ — हेवी इंजीनियरिंग, एग्री-कमोडिटी, FMCG, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और भी बहुत कुछ। पूरी कहानी, और डेटा शीट

उन बिज़नेस के लिए, जो अपने ही सिस्टम्स से आगे निकल चुके हैं।

बढ़ते बिज़नेस, जिनका काम-काज स्प्रेडशीट, बिना जुड़े सॉफ़्टवेयर और हाथ के काम से आगे निकल चुका है।

MasterKey उन बिज़नेस के लिए है, जहाँ

  • काम, उसके पीछे के सिस्टम्स से तेज़ बढ़ रहा है।
  • लोग एक ही डेटा तीन जगह दोबारा भरते हैं।
  • टूल्स के बीच ग्राहक छूट जाते हैं।
  • हर चीज़ को आपसे होकर गुज़रना पड़ता है।

हो सकता है MasterKey आपके लिए न हो।

  • पाँच पेज की ब्रोशर साइट: उसके लिए टेम्पलेट बेहतर रहेगा।
  • बिना स्ट्रैटेजी के सिर्फ़ एक लोगो।
  • ChatGPT प्रॉम्प्ट्स या कोई तैयार रैपर।
  • सबसे सस्ता कोटेशन।

इनमें से किसी में कोई बुराई नहीं। बस हम उनके लिए सही सिस्टम नहीं हैं।

सिस्टम्स रिव्यू बुक करें WhatsApp पर

लोग जो सवाल पूछते हैं।

  • MasterKey Labs क्या करती है?

    MasterKey Labs इंदौर की एक AI और बिज़नेस सिस्टम्स कंपनी है। एक बढ़ते बिज़नेस में जो काम रोज़ दोहराया जाता है (बिल, पेमेंट, GST, कागज़ी काम, स्टॉक, ऑर्डर, हाज़िरी, सैलरी और फ़ॉलो-अप), हम उसे ऐसे सेट करते हैं कि वह अपने आप चले, उन्हीं टूल्स पर जो बिज़नेस पहले से इस्तेमाल करता है, जैसे Tally, WhatsApp, Excel और CRM। हम उनके बीच काम का तरीका ठीक करते हैं, और जिस काम के लिए अब किसी इंसान की ज़रूरत नहीं, उसे ऑटोमेट करते हैं।

  • क्या आप Tally के साथ काम करते हैं?

    हाँ। हम Tally Prime और Tally ERP 9 के साथ काम करते हैं, और उन्हें WhatsApp, Google Sheets, आपके CRM और पेमेंट्स से जोड़ते हैं, ताकि ऑर्डर और इनवॉइस हाथ से दोबारा टाइप न करने पड़ें।

    Tally को WhatsApp, Sheets और CRM से जोड़ना (अंग्रेज़ी में)
  • क्या मुझे अपना मौजूदा सॉफ़्टवेयर बदलना पड़ेगा?

    नहीं। हम उसी से शुरू करते हैं जो आप रोज़ इस्तेमाल करते हैं, जैसे WhatsApp Business, Google Sheets, Tally, Razorpay और आपकी वेबसाइट, और कुछ नया सुझाने से पहले उसे जोड़ते हैं।

  • प्रोजेक्ट शुरू कैसे होता है?

    Five-Day Systems Diagnostic से: पाँच दिन, जिनमें हम देखते हैं कि आपके बिज़नेस में काम कैसे चलता है, आपके सिस्टम्स जाँचते हैं और समस्या लिखकर देते हैं। आपको MasterKey Blueprint मिलता है, एक लिखित प्लान: क्या मौजूद है, काम कहाँ गुम होता है, पहले क्या ठीक करना है, कितना खर्च आएगा और किस क्रम में। डायग्नोस्टिक की क़ीमत मुफ़्त रिव्यू के बाद बताई जाती है।

    इंदौर में बिज़नेस सिस्टम्स कंसल्टिंग (अंग्रेज़ी में)
  • इसमें कितना खर्च आता है?

    ज़्यादातर प्रोजेक्ट ₹1.5 लाख – ₹5 लाख+। कस्टम सॉफ़्टवेयर ₹3 लाख – ₹12 लाख+। सही आँकड़ा इस पर निर्भर करता है कि डायग्नोस्टिक में क्या सामने आता है: कुछ भी बनने से पहले, Blueprint में लिखा होता है कि काम में कितना खर्च आएगा।

    MasterKey Labs ऑटोमेशन की क़ीमत कैसे तय करती है (अंग्रेज़ी में)
  • क्या आप AI एजेंट और ऑटोमेशन बनाते हैं?

    हाँ, जहाँ उसका सच में फ़ायदा हो: वर्कफ़्लो ऑर्केस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट और बिलिंग ऑटोमेशन, AI असिस्टेंट और AI एजेंट। फ़ैसले, रिश्ते और अपवाद आपके लोगों के पास ही रहते हैं।

  • आप किनके साथ काम करते हैं?

    इंदौर, पूरे भारत और विदेशों के वो बढ़ते बिज़नेस, जिनका काम-काज स्प्रेडशीट, बिना जुड़े सॉफ़्टवेयर और हाथ के काम से आगे निकल चुका है।

  • आप जो बनाते हैं, उसका मालिक कौन होता है?

    आप। फ़ाइनल पेमेंट पर कोड, डिज़ाइन और वर्कफ़्लो ब्लूप्रिंट आपको सौंप दिए जाते हैं, और कोई भी डेटा शेयर होने से पहले NDA साइन होता है।

अब यह
स्केल हो सकता है।

इसलिए नहीं कि आपने उसी गड़बड़ी को संभालने के लिए और लोग रख लिए।

बल्कि इसलिए कि सिस्टम बेहतर हो गया।

पहले क्या
ठीक करना चाहिए?

हमें बताइए कि आपका बिज़नेस आज कैसे चलता है। हम वो पहली समस्या पहचानने में आपकी मदद करेंगे, जो हल करने लायक है।

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